आधार कार्ड अब पहले जैसा नहीं दिखेगा। UIDAI ने एड्रेस फील्ड से C/o ऑप्शन बंद कर दिया है, जिससे पिता या पति का नाम सीधे प्रिंट होना मुश्किल हो गया। यह बदलाव फ्रॉड रोकने और डेटा सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए आया है।

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क्यों बदला आधार का फॉर्मेट?
पहले लोग आसानी से C/o फादर या हसबैंड लिख देते थे, बिना ज्यादा वेरिफिकेशन के। अब यह फील्ड गायब है, ताकि रिश्तों की सही पुष्टि हो सके। खासकर 18 साल से ऊपर के एडल्ट्स के कार्ड में नाम छिप जाता है, लेकिन डेटाबेस में सुरक्षित रहता है। इससे नकली आईडी बनाना कठिन हो गया। पुराने कार्ड अभी भी वैलिड हैं, लेकिन अपडेट पर नया नियम लागू होता है।
नाम हटाने या जोड़ने की प्रक्रिया
नाम हटाना अपने आप हो जाता है अगर HOF मेथड न अपनाएं। मायआधार ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करें। HOF आधार नंबर डालें, रिलेशन प्रूफ जैसे बर्थ सर्टिफिकेट या मैरिज सर्टिफिकेट अपलोड करें। 50 रुपये फीस भरें, HOF से अप्रूवल लें। 90 दिनों में नया e-Aadhaar डाउनलोड करें। बच्चों के लिए अभी पिता का नाम रहता है।
नुकसान अगर अपडेट न करें
बैंक अकाउंट लिंकिंग, PAN कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में दिक्कत आएगी। कई सरकारी योजनाओं में पिता का नाम मांगा जाता है, जो अब सिस्टम से न मिले तो फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लर्निंग लाइसेंस आवेदन लटक रहे हैं। जल्द अपडेट करें वरना सर्विसेज प्रभावित होंगी।
बदलाव का असली मकसद
UIDAI का फोकस प्राइवेसी पर है। C/o से लोग रिश्ते मान लेते थे, जो गलत इस्तेमाल का कारण बनता था। अब QR कोड से ही वेरिफाई होगा, नाम-पता छिपा रहेगा। दिसंबर 2025 तक और बड़े अपडेट आने वाले हैं, जैसे कार्ड पर सिर्फ फोटो-क्विक रिस्पॉन्स कोड। हमेशा ऑफिशियल साइट चेक करें। हेल्पलाइन 1940 पर कॉल करें स्टेटस के लिए।

















